{"product_id":"ab-se-khabardar","title":"अब से खबरदार रहो भाई | Ab Se Khabardaar Raho Bhai","description":"\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cspan\u003eऐसे ज्ञान की क्या उपयोगिता जो जीवन में काम ही न आए?\u003c\/span\u003e\u003cb\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cspan\u003eगुरु के वचनों को हम सुन तो लेते हैं, और अनुभूति भी होती है कि कुछ बहुमूल्य मिल गया है। पर वह जो मिला है, अभी पूरी तरह अपना नहीं हुआ — ज्ञान तो है, पर जीवन में उतरा नहीं।\u003c\/span\u003e\u003cb\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cspan\u003eयही वह संवेदनशील मोड़ है जहाँ कबीर साहब चेता रहे हैं — \"अब से खबरदार रहो भाई\"। वे बात कर रहे हैं आत्मज्ञान की जिसमें खुद से खुद के ही झूठ को पकड़ना और परखना है। यह ज्ञान सुनकर प्राप्त करना तो आसान है, पर जीवन में उतारना नहीं।\u003c\/span\u003e\u003cb\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cspan\u003eआचार्य प्रशांत भजन का मर्म सामने रखते हुए स्पष्ट करते हैं कि गुरु से मिले ज्ञान को उपयोगी बनाने के लिए उसे हर दिन कमाना पड़ता है। और यह कमाई विशेष प्रयास माँगती है: ज्ञान के आलोक में खुद के झूठों को जलाते हुए घटते जाने का।\u003c\/span\u003e\u003cb\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cspan\u003eसाधक के पास एक ओर खुद को गलाकर ज्ञान के अनंत प्रकाश तक पहुँचने का अवसर है, तो दूसरी ओर निरंतर खतरा भी है: अपनी ही चालों में फँसकर ज्ञान से दूर हो जाने का। इसीलिए खबरदार रहना आवश्यक है, जो संभव है केवल भीतरी सजगता और प्रेम-पूर्ण प्रयास से।\u003c\/span\u003e\u003cb\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cspan\u003eप्रस्तुत पुस्तक में आचार्य प्रशांत वेदांत के प्रकाश में भजन का सार सामने रखते हैं, और अपनी अग्रगामी शैली में संतवाणी की उस परंपरा को आगे बढ़ाते हैं जिसमें रोज़मर्रा के उदाहरणों के माध्यम से पाठक स्वयं को देखने और ज्ञान को जीवन में उतारने की दिशा पाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"PrashantAdvait Foundation","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":42911175245920,"sku":"Ab_Se_Khabardar","price":199.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0602\/0176\/2912\/files\/S_3bc73384-eac5-4e33-bec4-c16fa6423d32.jpg?v=1783062945","url":"https:\/\/apbooks.acharyaprashant.org\/products\/ab-se-khabardar","provider":"Acharya Prashant Books","version":"1.0","type":"link"}