{"product_id":"ud-jayega","title":"उड़ जाएगा हंस अकेला | Ud Jaayega Hans Akela","description":"\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cspan\u003e“उड़ जाएगा हंस अकेला” कबीर साहब द्वारा रचित एक बेहद गहरा निर्गुण भजन है जो मृत्यु की वास्तविकता से आपको परिचित कराते हुए जीवन और जगत की सच्ची सार्थकता पर प्रकाश डालता है।\u003c\/span\u003e\u003cb\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cspan\u003eआचार्य प्रशांत प्रस्तुत पुस्तक में इस गूढ़ व प्रसिद्ध भजन की व्याख्या करते हुए बताते हैं कि हमारी सारी भाग-दौड़, सारे प्रयासों का केवल एक उद्देश्य रहता है: मृत्यु को भुलाए रहना। वे कहते हैं कि आप मौत को भुलाते हैं ताकि अहम् (सीमित) बने रह सकें। संतजन आपको बता रहे हैं कि जो आप बने हुए हो, अगर यही बने रहोगे तो मौत है। जब वो बोलते हैं ‘उड़ जाएगा हंस अकेला’, तो वो कह रहे हैं कि आप वो हंस नहीं हैं जो उड़ जाता है, बल्कि वो आकाश हैं जिसमें सब हंस उड़ते हैं। वे आपको मौत याद दिलाते हैं ताकि आप वो आकाश हो सकें।\u003c\/span\u003e\u003cb\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक आपको मृत्यु से भयभीत करने के लिए नहीं बल्कि जो आप वास्तव में हैं, उससे परिचय कराने के लिए है, जिसे संतजन आत्मा या आकाश कह रहे हैं। यह पुस्तक आपको एक ऐसी यात्रा पर ले जाने के लिए है जहाँ आप अपनी सीमाओं के मिथ्यात्व को देखकर एक सम्पूर्ण और ऊँचे जीवन की ओर बढ़ सकें।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"PrashantAdvait Foundation","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":42894394556512,"sku":"Ud_Jayega","price":129.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0602\/0176\/2912\/files\/S_02bf7425-87da-4444-aec6-655329442d04.jpg?v=1782198441","url":"https:\/\/apbooks.acharyaprashant.org\/products\/ud-jayega","provider":"Acharya Prashant Books","version":"1.0","type":"link"}